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विष्णु / जगदीश

ॐ जय जगदीश हरे — मुखड़ा

पारंपरिक आरती का केवल परिचित मुखड़ा; संपूर्ण पाठ की संपादकीय समीक्षा शेष है।

ॐ जय जगदीश हरे। स्वामी जय जगदीश हरे॥

Om, glory to you, Lord of the world. O Lord, glory to you.

स्रोत, लाइसेंस और पाठ सूचना

Opening refrain of Om Jai Jagdish Hare, traditionally attributed to Pandit Shraddha Ram Phillauri (1837–1881). Historical text, no modern recording or translation reused. Original English meaning; attribution and text review pending.

पारंपरिक लघु चयन। अंग्रेज़ी भावार्थ इस पोर्टल के लिए लिखा गया है।

पारंपरिक पाठांतर हो सकते हैं। विशेषज्ञ पाठ और भाषा समीक्षा अभी लंबित है। पाठ में आए कथन भक्ति परंपरा का भाग हैं; स्वास्थ्य, धन या अन्य परिणाम की गारंटी नहीं हैं।

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