पर्व और व्रत
हमारे साझा उत्सवों की कहानियाँ, अर्थ और संवेदनशील तैयारी।
214 तारीख वाली प्रविष्टियाँ, स्रोत, मासिक व्रत और क्षेत्रीय जानकारी
15 परिचय
दीपावली
दीपों, स्वागत और नई शुरुआत का पर्व, जिसे अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी परंपराओं के साथ मनाया जाता है।
परिचय पढ़ेंहोली
वसंत के रंग और मिलन का पर्व, जिसमें होलिका दहन और रंगोत्सव के अलग-अलग अनुष्ठान शामिल हैं।
परिचय पढ़ेंरक्षाबंधन
राखी के माध्यम से स्नेह, परस्पर जिम्मेदारी और भाई-बहन के संबंध का उत्सव।
परिचय पढ़ेंनवरात्रि
देवी की आराधना के नौ रात्रि-पर्व, जिनमें प्रार्थना, संगीत और क्षेत्रीय पारिवारिक परंपराएँ शामिल हैं।
परिचय पढ़ेंदुर्गा पूजा
देवी आराधना, कला और सामुदायिक सहभागिता का शारदीय उत्सव।
परिचय पढ़ेंविजयदशमी
विजय, विद्या और नई शुरुआत का पर्व, जिसकी क्षेत्रीय परंपराएँ अलग-अलग हैं।
परिचय पढ़ेंजन्माष्टमी
भजन, कथा और पारिवारिक या मंदिर परंपराओं के माध्यम से कृष्ण भक्ति का पर्व।
परिचय पढ़ेंगणेश चतुर्थी
प्रार्थना, गृह-पूजन और सामुदायिक उत्सव के साथ गणेश का स्वागत।
परिचय पढ़ेंमहाशिवरात्रि
पारिवारिक या मंदिर परंपरा के अनुसार शिव पूजन, मनन और जप की रात्रि।
परिचय पढ़ेंछठ
अस्ताचलगामी और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर सूर्य उपासना का सामूहिक पर्व।
परिचय पढ़ेंमकर संक्रांति
निरयण सूर्य के मकर राशि में प्रवेश से जुड़ा सौर पंचांग का पर्व।
परिचय पढ़ेंएकादशी
प्रत्येक पक्ष की ग्यारहवीं तिथि से जुड़ा विष्णु आराधना का व्रत।
परिचय पढ़ेंप्रदोष
त्रयोदशी तथा सायंकाल से जुड़ा शिव उपासना का व्रत।
परिचय पढ़ेंपूर्णिमा
पूर्ण चंद्र से जुड़ी तिथि, जिसके साथ विविध मासिक पूजा और पारिवारिक परंपराएँ हैं।
परिचय पढ़ेंअमावस्या
नवचंद्र से जुड़ी तिथि, जिसे पारिवारिक, क्षेत्रीय और स्मरण की अलग परंपराओं में माना जाता है।
परिचय पढ़ें