श्री ज्ञानदेवाची आरती
श्री ज्ञानदेवाची आरती का मूल देवनागरी पाठ स्रोत सहित पढ़ें, कॉपी करें, डाउनलोड करें या प्रिंट लें।
आरती ज्ञानराजा । महाकैवल्यतेजा । सेविती साधुसंत । मनु वेधला माझा । आरती ज्ञानराजा ॥धृ०॥
लोपलें ज्ञान जगीं । हित नेणती कोणी । अवतार पांडुरंग ।
नाम ठेविलें ज्ञानी ॥ १ ॥
कनकाचे ताट करीं । उभ्या गोपिका नारी । नारद तुंबरही ।
साम गायन करी ॥ २ ॥
प्रगट गुह्य बोले । विश्व ब्रह्याचे केलें । रामा जनार्दनी ।
पायीं मस्तक ठेविलें ॥ ३ ॥
आरती — mr.wikibooks.org contributors
परिवर्तन: स्रोत HTML को साधारण पाठ में बदला गया और लाइन-ब्रेक सामान्य किए गए। संग्रह से अलग की गई आरती में ड्राफ्ट संपादन निर्देश और संदर्भ अंक हटाए गए हैं। डाउनलोड में श्रेय और वही लाइसेंस रहता है। मूल लिपि में पाठ है; अंग्रेज़ी अनुवाद नहीं जोड़ा गया है।
पारंपरिक पाठांतर हो सकते हैं। विशेषज्ञ पाठ और भाषा समीक्षा अभी लंबित है। पाठ में आए कथन भक्ति परंपरा का भाग हैं; स्वास्थ्य, धन या अन्य परिणाम की गारंटी नहीं हैं।