ज्योतिर्लिङ्गम्
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ज्योतिर्लिङ्गम् [[लेखकः :|]]
ज्योतिर्लिङ्गम्
सौराष्ट्रे सोमनाथंच श्रीशैल्ये मल्लिकार्जुनम्
उज्जयिन्याम् महाकालम् मोंकालममलेश्वरम् ।
परल्यां वैजनाथं च डाकिंन्यां भीमशंकरम्
सेतुबंधे तु रामेशं, नागेशं दारुकावने ।
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यंबकं गौतमीतटे
हिमालये तु केदारम् घृशुणेशं शिवालये
एतानि द्वादश ज्योतिर्लिंगानी सायंप्रात: पठेन्नर:
सप्तजन्मकृतपापं स्मरणेन विनश्यति ।
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