श्रीजगदम्बिकास्तोत्रम्
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श्रीजगदम्बिकास्तोत्रम् श्रीवासुदेवानन्दसरस्वती
।। श्रीजगदम्बिकास्तोत्रम् ।।
ऐन्द्र्यादिशक्तिसहिता याऽजयन्महिषासुरम्।
-हीं बीजजापितुष्टां तां महाशक्तिं नमाम्यहम्॥१॥
क्लीं बीजरूपिणीं देवीमरारिविनाशिनीम्।
चामुन्डां मुण्डदमनीं तुलजापुरवासिनीम्॥२॥
मुन्डमालालसद्देहां मोहान्धतमसापहाम्।
डाकिन्यादिकृतार्तिघ्नीं प्रणमामि महामतिम्॥३॥
यैर्यत्रामसकृद्गीतं ते सर्वार्थयुजोऽभवन्।
विच् नित्यं विरागश्च यत आशु लभेन्नृणाम्॥४॥
चेतनारूपतो याऽऽस्ते सर्वभूतेषु ताम् भजे।
प्रसीद देवि सततमपराधान् क्षमस्व मे॥५॥
।। इति शी.प.प.श्रीवासुदेवानन्द सरस्वतीविरचितं श्रीजगदम्बिकास्तोत्रम् संपूर्णम् ।।
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