अमावस्या
नवचंद्र से जुड़ी तिथि, जिसे पारिवारिक, क्षेत्रीय और स्मरण की अलग परंपराओं में माना जाता है।
चंद्र पंचांग का पड़ाव
अमावस्या कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि से जुड़ी है। कुछ समुदाय विशेष अमावस्याओं को अतिरिक्त महत्व देते हैं। स्मरण, दान और पारिवारिक आचरण भिन्न होते हैं; सामान्य परिचय को परिवार की अनुष्ठान परंपरा का विकल्प नहीं मानना चाहिए।
मास का नाम बदल सकता है
अमांत और पूर्णिमांत पंचांग चंद्र मास को अलग प्रकार से बाँटते हैं। इसलिए एक ही खगोलीय अवधि का मास-नाम अलग दिखाई दे सकता है। तारीख के साथ दिखाई गई परंपरा भी पढ़ें और धार्मिक समय के लिए स्वीकृत अनुष्ठान नियम का उपयोग करें।
तिथि और पूजा समय अनुमोदित पर्व नियमों पर निर्भर हैं। इस परिचय में पर्व की तारीख नहीं दी गई है। संपादकीय समीक्षा लंबित।