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वर्षा ऋतु

रक्षाबंधन

राखी के माध्यम से स्नेह, परस्पर जिम्मेदारी और भाई-बहन के संबंध का उत्सव।

धागे का भाव

राखी स्नेह, साथ और देखभाल का संकल्प बन सकती है। परिवार प्रार्थना करते हैं, मिठाई बाँटते हैं और दूर रहने वाले परिजनों को याद करते हैं। रीति-रिवाज अलग होते हैं; संबंध को किसी एक तय सामाजिक भूमिका के बजाय परस्पर सम्मान के भाव से समझना अधिक उपयोगी है।

तिथि और स्थानीय परंपरा

यह पर्व श्रावण पूर्णिमा से जुड़ा है, पर राखी बाँधने का समय चुनने में अतिरिक्त नियम लागू हो सकते हैं। किसी समय पर निर्भर होने से पहले परिवार की परंपरा और सत्यापित स्थानीय पंचांग देखें। इस परिचय में अप्रमाणित मुहूर्त नहीं दिया गया है।

तिथि और पूजा समय अनुमोदित पर्व नियमों पर निर्भर हैं। इस परिचय में पर्व की तारीख नहीं दी गई है। संपादकीय समीक्षा लंबित।

प्राचीन ज्ञान से, हर दिन में नई समझ।

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